30 अप्रैल 2022
हस्त रेखा के अनुसार रत्न धारण
हथेली में ग्रहों के स्थान को पर्वत कहते हैं । हस्त रेखा स्थान ग्रह पर्वत रत्न धारण करे तर्जनी उंगली के नीचे बृहस्पति ग्रह पर्वत पुखराज या सुनहला मध्यमा के नीचे…
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30 अप्रैल 2022
हथेली में ग्रहों के स्थान को पर्वत कहते हैं । हस्त रेखा स्थान ग्रह पर्वत रत्न धारण करे तर्जनी उंगली के नीचे बृहस्पति ग्रह पर्वत पुखराज या सुनहला मध्यमा के नीचे…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
1. माणिक्य (Ruby): माणिक्य विश्व का सबसे महंगा रत्न है। यह कठोर, पारदर्शी और चमकदार होता है। इसका वास्तविक रंग लाल है श्रेष्ठ माणिक्य चिकना, पारदर्शी, पानीदार…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
ज्योतिष में माणिक्य सूर्य ग्रह का परिचायक है तथा औषध रूप में क्षय, पक्षाघात, हर्निया, उदर-शूल, घाव और विष प्रभाव आदि के उपचार में काम आता है। ज्योतिष में मोती…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
एकमुखी रुद्राक्ष एक मुखी रुद्राक्ष को साक्षात् रूप से महादेव का अवतार माना गया हैं। दो मुख रुद्राक्ष दो मुखी रुद्राक्ष को पार्वती-शिव का अवतार माना गया हैं। ती…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
मोती तारे की तरह चमकदार होता है। उसमें परछाई दिखती है। बिना खरोंच वाला होता है। गाय का मूत्र किसी मिट्टी के पात्र में लेकर रातभर उसमें मोती डाल दे। यदि सुबह मो…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
प्रथमाक्षर राशि स्वामी रत्न उपरत्न चू , चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ मेष मंगल मूंगा तामड़ा, रतुबा, लाल हकीक ई , ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो वृष शुक्र हीरा ओपल,…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
दो परस्पर प्रतिकूल रत्न धारण करने से व्यक्ति को अशुभ फल प्राप्त होता है। 1 माणिक्य के साथ नीलम, लहसुनिया तथा गोमेद नहीं पहनना चाहिये। 2 मोती के साथ-हीरा, पन्ना…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
1. वानस्पतिक रत्न : यह विशेष वृक्षों की जड़ व तने से प्राप्त होते है। जैसे - कहरूवा, अश्मीभूत आदि । 2. पाषाण रत्न : चट्टानों, शिलाखण्डों, खानों तथा नदियों से प…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
प्रकाश का विस्तार और सन्तुलन करने वाले “रत्न” है । मानव शरीर पर विभिन्न ग्रह-प्रभाव का विस्तार और सन्तुलन करना ही रत्नों का कार्य है । रत्नों का अनुकूल प्रभाव…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
राशि का नाम धारणीय रत्न का नाम मेष त्रिकोण मूंगा वृष हीरा एवं षट्कोण पन्ना मिथुन पञ्चकोण पन्ना या मोती कर्क गोल मोती अथवा नीलम सिंह गोल माणिक्य कन्या पन्ना तुल…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
ग्रह रत्न रत्न की आयु सूर्य माणिक्य 4 साल चन्द्र मोती 2,1/4 साल मंगल मूंगा 3 साल बुध पन्ना 4 साल गुरु पुखराज 4 साल शुक्र हीरा 7 साल शनि नीलम 5 साल राहु गोमेद 3…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
मास का नाम धारक रत्न का नाम चेत्र कपिश मणि (jasper) बैशाख हीरा (diamond) जयेष्ट पन्ना (emerald) आषाढ़ प्रवाल अर्थात् मूंगा (coral) श्रावण माणिक्य या लालडी (rub…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
(1) माणिक्य रत्न सूर्य के प्रकाश में लाल रंग की किरणें चारों तरफ बिखरने लगें वह माणिक्य श्रेष्ठ माणिक्य माना जाता है । (2) माणिक्य रत्न को दूध में डालने पर लाल…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
मेष लग्न मेष लग्न में सूर्य पंचम भाव सिंह राशि का स्वामी है और सूर्य मंगल का मित्र है। अतः मेष लग्न के जातक बुद्धि बल,उच्च शिक्षा, सन्तान सुख, और राज्य कृपा प्…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
माणिक्य माणिक्य सूर्य का रत्न है । जिस कुण्डली में सूर्य शुभ भावों का स्वामी हो उसके जातक को माणिक्य रत्न धारण करना शुभ फलदायक होगा । मोती मोती चन्द्र का रत्न…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान में रत्नों का महत्व हैं । जातक की जन्म कुंडली का परिक्षण कर रत्न सम्बंधित उपाए बताये जाते हैं । इसमे विशेष सावधानी की आवयश्यकता हैं क्यों की एक…
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