13 मई 2022
पञ्चपर्व
पर्वाण्येतानि राजेन्द्र रविसंक्रांतिरेव च ॥ स्त्रीतैलमांसभोगी च पर्वस्वेतेषु वै पुमान् । विण्मूत्रभोजनं नाम प्रयाति नरकं ध्रुवम् ॥ विष्णुपुराण के अनुसार पञ्चपर…
पूरा पढ़ेंकैटेगरी
14 इस कैटेगरी में प्रकाशित लेख।
13 मई 2022
पर्वाण्येतानि राजेन्द्र रविसंक्रांतिरेव च ॥ स्त्रीतैलमांसभोगी च पर्वस्वेतेषु वै पुमान् । विण्मूत्रभोजनं नाम प्रयाति नरकं ध्रुवम् ॥ विष्णुपुराण के अनुसार पञ्चपर…
पूरा पढ़ें13 मई 2022
मासे तु शुक्ला प्रतिपत्प्रवृत्ते पूर्वे शशी मध्यवलो दशाहे । श्रेष्ठा द्वितीयेऽल्पवलस्तृतीये सौम्यैस्तु दृष्टो वलवान्सदैव ॥ मध्यबली- शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से श…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
जन्मभं चतुर्गुष्यं तिथिवारसमन्वितम् नवभिस्तु हरेद्भागं शेषं दिनदशोच्यते ॥॥ रविणा शोकसन्तापौ शशाङ्के क्षेमलाभको भूमिपुत्रे त्वनिष्टः स्याद्बुधे प्रज्ञाविवर्धनम्…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
पन्द्रह तिथियों का एक पक्ष होता है । जिस पक्ष में चन्द्रमा की कलाओं का बढ़ना आरम्भ होता है, उसे 'शुक्ल पक्ष' तथा जिनमें घटना आरम्भ होता है, उसे 'कृष्णपक्ष' कहत…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
योगिनी दशा आठ प्रकार की होती है - 1 मंगल 2 पिंगला 3 धान्या 4 भ्रामरी 5 भद्रिका 6 उल्का 7 सिद्धा 8 संकटा जन्म नक्षत्र की संख्या में 3 जोड़कर 8 का भाग देने पर जो…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
तिथि शुक्ल पक्ष तिथि कृष्णपक्ष पूर्वार्द्ध उतरार्द्ध पूर्वार्द्ध उतरार्द्ध 1 किन्स्तुघ्न बव 16 बालव कौलव 2 बालव कौलव 17 तैत्तिल गर 3 तैत्तिल गर 18 वणिज विष्टि…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
तिथि और तारीख में अन्तर है । एक सूर्योदय काल से अगले सूर्योदय काल तक के समय को तिथि कहते हैं । तिथि का मान रेखांश के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कुछ मिनट या घण्…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
नन्दा च भद्रा च जया च रिक्ता पूर्णेति तिथ्योऽशुभमध्यशस्ताः । सितेऽसिते शस्तसमाधमाः स्युः सितज्ञभौमार्किगुरौ च सिद्धाः ॥ नन्दा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा—तिथिय…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
भविष्यपुराण के अनुसार मूलमन्त्र, नाम-संकीर्तन मन्त्रों से कमल के मध्य में स्थित तिथियों के स्वामी देवताओं की विविध उपचारों से भक्तिपूर्वक यथाविधि पूजा करनी चाह…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
तिथि के आधे भाग को 'करण' कहते हैं। ये दो होते हैं पूर्वार्द्ध तथा उत्तरार्द्ध । एक चन्द्रमास में 30 तिथियाँ और 60 करण होते हैं। चन्द्र और सूर्य के भोगांशों के…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
सूर्य और चन्द्र के बीच की 12 डिग्री की दूरी को एक तिथि कहा जाता है। अमावस्या को सूर्य और चन्द्र एक राशि के समान अंश पर होते हैं । 0° से 12° तक दूरी शुक्लपक्ष प…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
शास्त्रोक्त नियम को ही 'व्रत' कहते हैं, वही 'तप' माना गया है । 'दम' (इन्द्रियसंयम) और 'शम' (मनोनिग्रह) विशेष नियम व्रत के ही अङ्ग हैं । व्रत करने वाले पुरुष को…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
भद्रा भगवान् सूर्य की पुत्री हैं । ये सूर्य पत्नी छाया से उत्पन्न हैं और शनैश्चर की बहन हैं । भद्रा का वर्ण काला, रूप भयंकर, केश लम्बे और दाँत बड़े विकराल हैं…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
योग का अर्थ होता है जोड़ । योग की उत्पत्ति नक्षत्र से होती है। भूकेन्द्रीय दृष्टि से सूर्य + चन्द्रमा की गति का योग एक नक्षत्र भोगकाल 13 अंश 20 कला होता है तब…
पूरा पढ़ें