30 मई 2022
आजीविका-कारक
दशम भाव को कर्म भाव की संज्ञा दी जाती है । इसके स्वामी को दशमेश या कर्मेश कहा जाता है। दशम भाव से ही व्यक्ति की आजीविका का विचार किया जाता है। ज्योतिष के अनुसा…
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30 मई 2022
दशम भाव को कर्म भाव की संज्ञा दी जाती है । इसके स्वामी को दशमेश या कर्मेश कहा जाता है। दशम भाव से ही व्यक्ति की आजीविका का विचार किया जाता है। ज्योतिष के अनुसा…
पूरा पढ़ें28 मई 2022
अङ्गाधीशः स्वगेहे बुधगुरुकविभिः संयुतः केन्द्र गोवा स्वीये तुङ्गे स्वमित्रे यदि शुभभवने वीक्षितः सत्त्वरूपः ॥ स्यान्ननं पुण्यशीलः सकलजनमतः सर्वसम्पन्निधानं ज्ञ…
पूरा पढ़ें28 मई 2022
सूर्य आत्मा, पिता का प्रभाव, नैरोग्य, शक्ति सम्पति, शोभा चंद्रमा मन, बुद्धि, राज-मान, माता, संपति, प्रतिष्ठा, प्रभाव मंगल पराकम्र, रोग, गुण, बांधव, भूमि पुत्र,…
पूरा पढ़ें28 मई 2022
नाम का प्रथम अक्षर राशि शुभ होरा (अनुकूल) साधारण होरा अशुभ (प्रतिकूल) चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ मेष सूर्य, चन्द्र, मंगल, बृहस्पति शुक्र, शनि बुध ई, ऊ,…
पूरा पढ़ें24 मई 2022
सूर्य सूर्य की मूलत्रिकोण राशि - सिंह राशि ( 1 से 20 अंश तक ) सूर्य की स्वराशि - सिंह राशि ( 21 से 30 अंश तक ) सूर्य की उच्च राशि- मेष राशि ( 1 से 10 अंश तक )…
पूरा पढ़ें23 मई 2022
प्रश्न समय का इष्टकाल बना कर प्रश्नकुण्डली, ग्रहस्पष्ट, भावस्पष्ट, नवमाश कुण्डली और चलित कुण्डली बना कर प्रश्न के लाभ-हानि, शुभ-अशुभ का विचार करना चाहिए। प्रश्…
पूरा पढ़ें23 मई 2022
अस्त जब कोई ग्रह सूर्य के समीप हो कि सूर्य के प्रकाश के कारण दिखलाई न दे तो उसे अस्त कहते है। चन्द्रमा सूर्य से 12 अंश दूर तक (सूर्य के अंश चन्द्रमा के अंशों स…
पूरा पढ़ें21 मई 2022
रविवार के दिन नया वस्त्र पहिनने से मनुष्य दरिद्र होता है। सोमवार के दिन नया वस्त्र पहिनने से मनुष्य को व्रण रोग होता है। मंगलवार के दिन नया वस्त्र पहिनने से मन…
पूरा पढ़ें21 मई 2022
जन्म चन्द्रमा, जन्मन क्षत्र और जन्म के महीने को छोड़ अन्य में बालक का कान छिदवाना चाहिये। रविवार, शनिवार, मङ्गलवार को छोड़कर अन्य वारों में बालक का कान छिदवाना…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
नक्षत्र - पुष्य, अश्विनी, हस्त,स्वाति, पुनर्वसु, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, आर्द्रा, मूल,आश्लेषा, कृत्तिका, भरणी, मघा, विशाखा, पूर्वाफल्गुनी, पूर्वाषाढा, पूर्वाभा…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
बुध जन्म राशि के प्रथम स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को वन्धन होता है। बुध जन्म राशि के दूसरे स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को घनलाभ होता है। बुध जन्म राशि क…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
मंगल जन्म राशि के प्रथम स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को शत्रु का भय होता है। मंगल जन्म राशि के दूसरे स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को घन के नाश होता है। मंग…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
चन्द्रमा जन्म राशि के प्रथम स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को अर्थलाभ होता है। चन्द्रमा जन्म राशि के दूसरे स्थान में स्थित होने पर मनुष्य को वित्तनाश होता है।…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
सूर्य् जन्म राशि के प्रथम स्थान में स्थित होने पर मनुष्य का स्थान परिवर्तन होता है। सूर्य् जन्म राशि से दूसरे स्थान में स्थित होने पर भय होता है। सूर्य् जन्म र…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
सूर्य् एक राशि में एक महीने तक रहता है। चन्द्रमा एक राशि में सवा दो दिन तक रहता है। मङ्गल एक राशि में पैंतालिस दिन तक रहता है। बुध एक राशि में अठारह दिन तक रहत…
पूरा पढ़ें14 मई 2022
कुर्य्यात्पुंसवनं सुयोगकरणे नन्दे सभद्रे तिथौ । भाद्राषाढ़नृभेश्वरेषु नृदिने वेधं विनेन्दो शुभे ॥ अक्षीणश्च त्रिकोणकण्टकगते सौम्येऽशुभे वृद्धिषु । स्त्रीशुद्धच…
पूरा पढ़ें13 मई 2022
पर्वाण्येतानि राजेन्द्र रविसंक्रांतिरेव च ॥ स्त्रीतैलमांसभोगी च पर्वस्वेतेषु वै पुमान् । विण्मूत्रभोजनं नाम प्रयाति नरकं ध्रुवम् ॥ विष्णुपुराण के अनुसार पञ्चपर…
पूरा पढ़ें13 मई 2022
मासे तु शुक्ला प्रतिपत्प्रवृत्ते पूर्वे शशी मध्यवलो दशाहे । श्रेष्ठा द्वितीयेऽल्पवलस्तृतीये सौम्यैस्तु दृष्टो वलवान्सदैव ॥ मध्यबली- शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से श…
पूरा पढ़ें13 मई 2022
कटुलवणतिक्तमिश्रो मधुराम्लौ च कषायकोऽर्कतः । एते रसाःप्रिया भवन्ति मुखेऽर्काद्या वर्तमानाः सन्तः ॥ सूर्य ग्रह कटु रस का अधिपति (स्वामी) है। चन्द्र ग्रह लवण रस…
पूरा पढ़ें11 मई 2022
मङ्गला पिङ्गला धान्या भ्रामरी भद्रिका तथा । उल्का सिद्धा सङ्कटेति योगिन्योऽष्टौ शिवोदिताः ॥ स्वनामसदृशाः सर्वा दशाकाले फलप्रदाः । जातकस्य कृते यासामधीशाः खेचरा…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
मूल नक्षत्र मंत्रः ॐ मातेवपुत्रम पृथिवी पुरीष्यमग्नि गवं स्वयोनावभारुषा तां । विश्वेदैवॠतुभि: संविदान: प्रजापति विश्वकर्मा विमुञ्च्त ॥ अश्लेषा नक्षत्र मंत्र: ॐ…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
ध्रुव स्थिर उत्तरा तीनों, रोहणी, रविवार चर चल स्वाति, पुनर्वसु, श्रवरा, धनिष्ठा, शतभिषा, चंद्रवार उग्र, क्रूर पूर्वो तीनों, भरणी, मघा, मंगलवार मिश्र, साधारण वि…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
पञ्च गव्य पंचामृत पञ्च पल्लव पञ्च रत्न गौ मूत्र गो धृत बड का पत्ता सोना गो गोबर गो दधि गूलर का पत्ता चांदी गो दूध गो दूध पीपल का पत्ता तांबा गो धृत गंगाजल आम क…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
नाम लक्षण वास परिणाम गजप्रष्ठ दक्षिण, पश्चिम, नैॠत्य एवं वायव्य में उच्च लक्ष्मी से एवं आयु से पूर्ण कूर्मप्रष्ठ मध्य में ऊँची एवं चारों ओर नीची नित्य उत्साह,…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
सूर्य दशा के द्वारा प्रत्येक ग्रह की फल-प्राप्ति का समय जाना जाता है। सभी ग्रह अपनी दशा, अन्तर्दशा, प्रत्यन्तर्दशा और सूक्ष्म दशाकाल में फल देते है। जो ग्रह उच…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
मंगल उच्च, स्वस्थान या मूलत्रिकोणगत हो तो उस की दशा मे यशलाभ, स्त्री-पुत्र का सुख, साहस, धनलाभ आदि फल प्राप्त होते है। मंगल मेष राशि में हो तो उस की दशा में धन…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
शुक्र की दशा में रत्न, वस्त्र आभूषण सम्मान, नवीन कार्यारम्भ, वाहनसुख आदि फल मिलते हैं। मेष रानि में शुक्र हो तो मन में चंचलता, विदेश भ्रमण, उद्वेग, व्यसन प्रेम…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
शनि की दशा में जातक को धन, जन, सवारी, प्रताप, भ्रमण, कीत्ति, रोग आदि फल प्राप्त होते हैं। मेष राशि में शनि हो तो शनि की दशा में स्वतन्त्रता, प्रवास, मर्मस्थान…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
बुध दशाफल -उच्च, स्वराशिगत मोर वलवान् बुध की दशा में विद्या, विज्ञान, शिल्पकृषि कर्म में उन्नति, धनलाभ, स्त्री-पुत्र सुख, कफ-वात-पित्त की पीडा होती है। मेष राश…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
मेष राशि में राहु हो तो उस की दशा में अर्थ-लाभ, साधारण सफलत्ता, घरेलू झगडे, भाई से विरोध वृष में हो तो राज्य से लाभ, अधिकारप्राप्ति, कष्टसहिष्णुता, सफलता मिथुन…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
चन्द्र दशाफल - पूर्ण, उच्च का और शुभग्रह युत चन्द्रमा हो तो उस की दशा में अनेक प्रकार से सम्मान, मन्त्री, धारासभा का सदस्य, विद्या, धन आदि प्राप्त करने वाला हो…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
गुरु की दशा में ज्ञानलाभ, घन वस्त्र-वाहन-लान, कण्ठ रोग, गुल्मरोग, प्लीहा रोग आदि फल प्राप्त होते है। मेष राशि में गुरु हो तो उस की दशा में लफ़तरी, विद्या, स्त्…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
मेष में केतु हो तो घनलाभ, यश, स्वास्थ्य वृष में हो तो कष्ट, हानि, पोडा, चिन्ता, अल्पलाभ मिथुन में हो तो कोत्ति, बन्धुओं से विरोध, रोग, पीडा कर्क में हो तो अल्प…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
शुक्र अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 20 वर्ष) ग्रह शु. सू. चं. मं. रा. बृ. श. बु. के. योग वर्ष 3 1 1 1 3 2 3 2 1 20 मास 4 0 8 2 0 8 2 10 2 दिन 0 0 0 0 0 0 0 0 0 पंडि…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
केतु अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 7 वर्ष) ग्रह के. शु. सू. चं. मं. रा. बृ. श. बु. योग वर्ष 0 1 0 0 0 1 0 1 0 7 मास 4 2 4 7 4 0 11 1 11 दिन 27 0 6 0 27 18 6 6 27 पं…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
बुध अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 17 वर्ष) ग्रह बु. के. शु. सू. चं. मं. रा. बृ. श. योग वर्ष 2 0 2 0 1 0 2 2 2 17 मास 4 11 10 10 5 11 6 3 8 दिन 27 27 0 6 0 27 18 6 6…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
शनि अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 16 वर्ष) ग्रह श. बु. के. शु. सू. चं. मं. रा. बृ. योग वर्ष 3 2 1 3 0 1 1 2 2 16 मास 0 8 1 2 11 7 1 10 6 दिन 3 6 6 0 12 0 6 6 12 पंड…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
राहु अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 18 वर्ष) ग्रह रा. बृ. श. बु. के. शु. सू. चं. मं. योग वर्ष 2 2 2 2 1 3 0 1 1 18 मास 8 4 10 6 0 0 10 6 0 दिन 12 24 6 18 18 0 24 0 1…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
मंगल अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 7 वर्ष) ग्रह मं. रा. बृ. श. बु. के. शु. सू. चं. योग वर्ष 0 1 0 1 0 0 1 0 0 7 मास 4 0 11 1 11 4 2 4 7 दिन 27 18 6 6 27 27 0 6 0 पं…
पूरा पढ़ें9 मई 2022
चंद्रमा अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 10 वर्ष) ग्रह चं. मं. रा. बृ. श. बु. के. शु. सू. योग वर्ष 0 0 1 1 1 1 0 1 0 10 मास 10 7 6 4 7 5 7 8 6 0 दिन 0 0 0 0 0 0 0 0 0…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
सूर्य अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 6 वर्ष) ग्रह सू. चं. मं. रा. बृ. श. बु. के. शु. योग वर्ष 0 0 0 0 0 0 0 0 1 6 मास 3 6 4 10 6 11 1 4 0 दिन 18 0 6 24 18 12 6 6 0 प…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
दीप्तः स्वस्थो मुदितः शान्तः शक्तः प्रपीड़ितो दीनः । विकलः खलश्च कथितो नवप्रकारो ग्रहो हरिणा ॥(मानसागरी) ग्रहो की नौ प्रकार की अवस्थायें कही गई हैं । दीप्त - जो…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
महीनो के नाम सूर्य देवी देवता चैत्रमास वेदांग रमा विष्णुदेवता वैशाख भानु मोहनी मधुसूधन ज्येष्ठ इंद्र पद्माक्षी त्रिवित्रम आषाढ़ रवि कमला वामन श्रावण गबस्ती कान…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
सैका तिथिर्वारयुता कृताप्ताः शेषेगुणेऽभ्र भुवि वन्हिवासः । सौख्याय होमः शशियुग्म शेषे प्राणार्थनाशौ दिवि भूतले च ॥ तिथि अंक प्रतिपदा 1 द्वितीया 2 तृतीया 3 चतुर…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
संक्रांति के पहले और बाद 6 घंटे 24 मिनट का समय (16 घड़ी) पुण्य काल माना जाता है। आधी रात पूर्व संक्रांति हो तो दिन के तीसरे भाग में पुण्य काल माना जाता है। आधी…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
स्त्री नवीन वस्त्र धारण मुहूर्त- हस्ता दिपंचकेऽश्विन्योँ धनिष्ठायां च रेवती । गुरौ शुक्र बुधे वारे धार्य स्त्रीभिर्नवाम्बरम् || नक्षत्र -हस्त, चित्रा, स्वाति,…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
पड़वा मूल पंचमी भरणी आठे कृतिका नवमी रोहिणी दशमी अश्लेषा ज्वालामुखी ॥ जन्मै तो जीवे नहीं, बसै तो ऊजड़ होय || कामनी पहरे चूड़ियां, निश्चय विधवा होय ॥ प्रतिपदा ति…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
बुभस्य घटिका पंच शौरिर्मष्यान्हमेवच । 'चन्द्र जीवेच सन्ध्यायां भोमच घठिकावय | राहुकेश्वो रर्धरात्रे सूर्यशुक्र अरुणोदये अन्यकाले न कर्तव्य कृते दानन्तु निष्फलं…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
सूर्य - उच्च मेष राशि फल- जातक भाग्यवान धनी, विद्वान, यशस्वी और सुखी होता है। चन्द्र - उच्च वृष राशि फल- जातक अलंकार प्रिय, विलासी, माननीय, सुखी एवम् चंचल स्वभ…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
हिन्दू वर्ष में छ: ऋतु होती हें जैसे – वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमन्त और शिशिर ऋतु , मास और संक्रांति आदि का ज्ञान नीचे कोष्टक से हो सकता हें | ऋतु हिन्दी…
पूरा पढ़ें7 मई 2022
बृहस्पति अन्तर्दशा चक्र (काल अवधि 16 वर्ष) ग्रह बृ. श. बु. के. शु. सू. चं. मं. रा. योग वर्ष 2 2 2 0 2 0 1 0 2 16 मास 1 6 3 11 8 9 14 11 4 दिन 18 12 6 6 0 18 0…
पूरा पढ़ें6 मई 2022
नक्षत्र स्वामी दशावर्ष देवता अश्विनी केतु 7 वर्ष अश्वि. कुमार भरणी शुक्र 20 वर्ष यम कृतिका सूर्य 6 वर्ष अग्नि रोहिणी चन्द्र 10 वर्ष ब्रह्मा मृगशिर मंगल 7 वर्ष…
पूरा पढ़ें6 मई 2022
ग्रह ग्रह भाव कारक सूर्य प्रथम, नवम, दशम चंद्रमा चतुर्थ मंगल तृतीय, षष्टम बुध चतुर्थ, दशम ब्रहस्पति द्धितीय, पंचम, नवम, दशम, एकादश शुक्र सप्तम, द्वादश शनि षष्ट…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
ईशान शिव पूर्व इंद्र अग्नि अग्नि उत्तर कुबेर दक्षिण यम वायव्य वायु पश्चिम वरुण नैॠत्य निॠति पंडित पवन कुमार शर्मा
पूरा पढ़ें5 मई 2022
ईशान पूर्व आग्नेय शवर्ग शशक अवर्ग गरुड़ कवर्ग मार्जार उत्तर यवर्ग गज चवर्ग सिंह दक्षिण पवर्ग मूषक तवर्ग सर्प टवर्ग श्वान वायव्य पश्चिम नैॠत्य पंडित पवन कुमार शर…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में सूर्य हो तो जातक आत्मवली, स्वाभिमानी, प्रतापी, चतुर, पित्तविकारी, युद्धप्रिय, साहसी, महत्त्वाकाक्षी, शूरवीर, गम्भीर, उदार होता है। वृष राशि में सू…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में शुक्र हो तो जातक विश्वासहीन, दुराचारी, परस्त्रीरत, झगडालू, वेश्यागामी होता है। वृष राशि में शुक्र हो तो जातक सुन्दर, ऐश्वर्यवान्, दानी, सात्त्विक,…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में शनि हो तो जातक आत्मबलहीन, व्यसनी, निर्धन, दुराचारी, लम्पट, कृतघ्न होता है। वृष में हो तो असत्यभापी, द्रव्यहीन, मूर्ख, वचनहीन होता है। मिथुन में हो…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में राहु हो तो जातक पराक्रमहीन, आलसी, अविवेकी होता है। वृष राशि में राहु हो तो जातक सुखी, चंचल, कुरूप होता है। मिथुन राशि में राहु हो तो जातक योगाभ्या…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में मंगल हो तो जातक सत्यवक्ता, तेजस्वी, शूरवीर, नेता, साहसी, दानी, राजमान्य, लोकमान्य, धनवान होता है। वृष राशि में मंगल हो तो जातक पुत्र द्वेेष, प्रवा…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में बुध हो तो जातक कृशदेही, चतुर, प्रेमी, नट, सत्यप्रिय, रतिप्रिय, लेखक होता है। वृष में हो तो शास्त्रज्ञ, व्यायामप्रिय, धनवान्, गम्भीर, मधुरभाषी, विल…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में चन्द्रमा हो तो जातक दृढशरीर, स्थिर सम्पत्तिवान्, शूर, बन्धुहीन, कामी, उतावला, जल-भीरु होता है। वृप राशि में चन्द्रमा हो तो जातक सुन्दर, प्रसन्नचित…
पूरा पढ़ें5 मई 2022
मेष राशि में गुरु हो तो जातक वादी, वकील, ऐश्वर्यशाली, तेजस्वी, प्रसिद्ध, कीर्तिमान्, विजयी होता है। वृष राशि में गुरु हो तो जातक आस्तिक, पुष्ट शरीर, सदाचारी, ध…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
मेष राशि में केतु हो तो जातक चंचल, बहुभाषी, सुखी होता हैं। वृष राशि में केतु हो तो जातक दुखी, निरुद्यमी, आलसी, वाचाल होता हैं। मिथुन राशि में केतु हो तो जातक व…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
सबसे प्रकाशमान ग्रह सूर्य है। अन्य सभो ग्रह सूर्य के ही प्रकाश से प्रकाशमान होते है। सूर्य के समीप जब कोई ग्रह आ जाता है तो उसकी ज्योति विलीन हो जाती है अर्थात…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
मनुष्य के जीवन में गृह निर्माण का विशेष महत्त्व होता है, अतः अत्यन्त सावधानी के साथ गृह निर्माण कराना चाहिये। स्थान-चयन ��ृह-निर्माण के लिये प्रथम स्थान का चयन…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
मनुष्य के जीवन में गृह निर्माण का विशेष महत्त्व होता है, अतः अत्यन्त सावधानी के साथ गृह निर्माण कराना चाहिये। दिशा-निर्धारण गृह-निर्माण के लिये दिशा-निर्धारण ए…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
सुगन्धा ब्राह्मणी भूमी रक्तगन्धा तू क्षत्रिया। मधुगन्धा भवेदद्वैश्या मद्यगन्धा च शूद्रिका ।। सुगंधयुक्त भूमि ब्राह्मणी, रक्त की गंध वाली भूमि क्षत्रिया, धान्य…
पूरा पढ़ें4 मई 2022
उच्च ग्रह नीच ग्रह ग्रह राशि अंश ग्रह राशि अंश सूर्य मेष 10 सूर्य तुला 10 चन्द्रमा वृष 3 चन्द्रमा वृश्चिक 3 मंगल मकर 28 मंगल कर्क 28 बुध कन्या 15 बुध मीन 15 बृ…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
मनुष्य के चन्द्रमा के नवांश के अनुसार होता है। लग्ननवांश के अनुसार शरीर की आकृति होती है और चन्द्रमा जिस नवांश में होता है, उसके अधिपति के अनुसार जातक का रंग ह…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
हथेली में ग्रहों के स्थान को पर्वत कहते हैं । हस्त रेखा स्थान ग्रह पर्वत रत्न धारण करे तर्जनी उंगली के नीचे बृहस्पति ग्रह पर्वत पुखराज या सुनहला मध्यमा के नीचे…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
1. माणिक्य (Ruby): माणिक्य विश्व का सबसे महंगा रत्न है। यह कठोर, पारदर्शी और चमकदार होता है। इसका वास्तविक रंग लाल है श्रेष्ठ माणिक्य चिकना, पारदर्शी, पानीदार…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
ज्योतिष में माणिक्य सूर्य ग्रह का परिचायक है तथा औषध रूप में क्षय, पक्षाघात, हर्निया, उदर-शूल, घाव और विष प्रभाव आदि के उपचार में काम आता है। ज्योतिष में मोती…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
एकमुखी रुद्राक्ष एक मुखी रुद्राक्ष को साक्षात् रूप से महादेव का अवतार माना गया हैं। दो मुख रुद्राक्ष दो मुखी रुद्राक्ष को पार्वती-शिव का अवतार माना गया हैं। ती…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
राशी अंक राशि चर स्थिर या द्विस्वभाव क्रूर या सौम्य पुरुष या स्त्री तत्त्व दिगीश अन स्वामी उदय 1 मेष चर क्रूर पुरुष अग्नि पूर्व सिर पृष्टोदय 2 वृष स्थिर सौम्य…
पूरा पढ़ें30 अप्रैल 2022
मोती तारे की तरह चमकदार होता है। उसमें परछाई दिखती है। बिना खरोंच वाला होता है। गाय का मूत्र किसी मिट्टी के पात्र में लेकर रातभर उसमें मोती डाल दे। यदि सुबह मो…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
प्रथमाक्षर राशि स्वामी रत्न उपरत्न चू , चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ मेष मंगल मूंगा तामड़ा, रतुबा, लाल हकीक ई , ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो वृष शुक्र हीरा ओपल,…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
जन्मभं चतुर्गुष्यं तिथिवारसमन्वितम् नवभिस्तु हरेद्भागं शेषं दिनदशोच्यते ॥॥ रविणा शोकसन्तापौ शशाङ्के क्षेमलाभको भूमिपुत्रे त्वनिष्टः स्याद्बुधे प्रज्ञाविवर्धनम्…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
दस्त्रौ यमोऽनलो धाता चन्द्रो रुद्रोऽदितिर्गुरुः । पितरो भगोऽर्यमदिवाकरौभुजङ्गमश्च ॥ त्वष्टा वायुश्च शक्राग्नि मित्रः शुक्रश्च निर्ऋतिः । जलं विश्वे विधिर्विष्ण…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
दो परस्पर प्रतिकूल रत्न धारण करने से व्यक्ति को अशुभ फल प्राप्त होता है। 1 माणिक्य के साथ नीलम, लहसुनिया तथा गोमेद नहीं पहनना चाहिये। 2 मोती के साथ-हीरा, पन्ना…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
1. वानस्पतिक रत्न : यह विशेष वृक्षों की जड़ व तने से प्राप्त होते है। जैसे - कहरूवा, अश्मीभूत आदि । 2. पाषाण रत्न : चट्टानों, शिलाखण्डों, खानों तथा नदियों से प…
पूरा पढ़ें29 अप्रैल 2022
प्रकाश का विस्तार और सन्तुलन करने वाले “रत्न” है । मानव शरीर पर विभिन्न ग्रह-प्रभाव का विस्तार और सन्तुलन करना ही रत्नों का कार्य है । रत्नों का अनुकूल प्रभाव…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
1. सूर्य सूर्य मेष राशि में हो तो जातक भाग्यशाली, धनी, यशस्वी, सुखी, नेतृत्वशक्ति सम्पन्न, शूरवीर तथा विद्वान् होता है । 2. चन्द्रमा चन्द्रमा वृष राशि में हो त…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
राशि का नाम धारणीय रत्न का नाम मेष त्रिकोण मूंगा वृष हीरा एवं षट्कोण पन्ना मिथुन पञ्चकोण पन्ना या मोती कर्क गोल मोती अथवा नीलम सिंह गोल माणिक्य कन्या पन्ना तुल…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
पन्द्रह तिथियों का एक पक्ष होता है । जिस पक्ष में चन्द्रमा की कलाओं का बढ़ना आरम्भ होता है, उसे 'शुक्ल पक्ष' तथा जिनमें घटना आरम्भ होता है, उसे 'कृष्णपक्ष' कहत…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
ग्रह रत्न रत्न की आयु सूर्य माणिक्य 4 साल चन्द्र मोती 2,1/4 साल मंगल मूंगा 3 साल बुध पन्ना 4 साल गुरु पुखराज 4 साल शुक्र हीरा 7 साल शनि नीलम 5 साल राहु गोमेद 3…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
योगिनी दशा आठ प्रकार की होती है - 1 मंगल 2 पिंगला 3 धान्या 4 भ्रामरी 5 भद्रिका 6 उल्का 7 सिद्धा 8 संकटा जन्म नक्षत्र की संख्या में 3 जोड़कर 8 का भाग देने पर जो…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
मास का नाम धारक रत्न का नाम चेत्र कपिश मणि (jasper) बैशाख हीरा (diamond) जयेष्ट पन्ना (emerald) आषाढ़ प्रवाल अर्थात् मूंगा (coral) श्रावण माणिक्य या लालडी (rub…
पूरा पढ़ें27 अप्रैल 2022
(1) माणिक्य रत्न सूर्य के प्रकाश में लाल रंग की किरणें चारों तरफ बिखरने लगें वह माणिक्य श्रेष्ठ माणिक्य माना जाता है । (2) माणिक्य रत्न को दूध में डालने पर लाल…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
मेष लग्न मेष लग्न में सूर्य पंचम भाव सिंह राशि का स्वामी है और सूर्य मंगल का मित्र है। अतः मेष लग्न के जातक बुद्धि बल,उच्च शिक्षा, सन्तान सुख, और राज्य कृपा प्…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
मुहूर्त के आधार पर ही मानव समाज अपने कार्य करते हैं तथा प्रारब्ध और पुरुषार्थ के अनुसार फल प्राप्त करते है । वर्ष मासो दिन सम्म मुहूर्तश्चेति पचक्रमा । कालस्या…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
माणिक्य माणिक्य सूर्य का रत्न है । जिस कुण्डली में सूर्य शुभ भावों का स्वामी हो उसके जातक को माणिक्य रत्न धारण करना शुभ फलदायक होगा । मोती मोती चन्द्र का रत्न…
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
उत्तर पूर्व पूर्व दक्षिण-पूर्व गुरु सूर्य शुक्र उत्तर बुध मंगल दक्षिण चन्द्र शनि राहु-केतु उत्तर-पश्चिम दक्षिण दक्षिण-पश्चिम पंडित पवन कुमार शर्मा
पूरा पढ़ें26 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान में रत्नों का महत्व हैं । जातक की जन्म कुंडली का परिक्षण कर रत्न सम्बंधित उपाए बताये जाते हैं । इसमे विशेष सावधानी की आवयश्यकता हैं क्यों की एक…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
मेष – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ वृष – ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो मिथुन – का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह कर्क – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो स…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र की शांति के लिए साबुत उड़द का दान करना चाहिए । रत्न - पुखराज रत्न पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु ग्रह को बल प्रदान करने के लि…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - हस्त नक्षत्र की शांति के लिए चांदी का दान करना चाहिए । रत्न - मोती रत्न हस्त नक्षत्र के स्वामी चन्द्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए पहना जाता है । मोती सीप…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - स्वाति नक्षत्र की शांति के लिए स्वयं के प्रिय पदार्थ का दान करना चाहिए । रत्न - गोमेद रत्न स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहू ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पह…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - श्रवण नक्षत्र की शांति के लिए पुस्तक का दान करना चाहिए । रत्न - मोती रत्न श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए पहना जाता है । मोती स…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - शतभिषा नक्षत्र की शांति के लिए अगरु व चन्दन का दान करना चाहिए । रत्न - गोमेद रत्न शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहू ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता ह…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - विशाखा नक्षत्र की शांति के लिए वस्त्रादि तथा धन का दान करना चाहिए । रत्न - पुखराज रत्न विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना ज…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - रेवती नक्षत्र की शांति के लिए कांस्य के पात्र का दान करना चाहिए । रत्न - पन्ना रत्न रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता ह…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - मूल नक्षत्र की शांति के लिए कंद, मूल, फल, आदि का दान करना चाहिए । रत्न - लहसुनिया रत्न मूल नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - मघा नक्षत्र की शांति के लिए तिल से भरे घड़ों का दान करना चाहिए । रत्न - लहसुनिया रत्न मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह को को बल प्रदान करने के लिए पहना जा…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र की शांति के लिए दधिपात्र का दान करना चाहिए । रत्न - हीरा रत्न पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए धारण किय…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र की शांति के लिए घोड़ी का दान करना चाहिए । रत्न - हीरा रत्न पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए धारण…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - धनिष्ठा नक्षत्र की शांति के लिए दो गायों का दान करना चाहिए । रत्न - मूंगा रत्न धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - ज्येष्ठा नक्षत्र की शांति के लिए मूली का दान करना चाहिए । रत्न - पन्ना रत्न ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है पन्…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - चित्रा नक्षत्र की शांति के लिए ताम्रपत्र, घी का दान करना चाहिए । रत्न - मूंगा रत्न चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - उत्तराषाढा नक्षत्र की शांति के लिए घी और मधु का दान करना चाहिए । रत्न - हीरा रत्न उत्तराषाढा नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए धारण किया…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की शांति के लिए साबुत उड़द का दान करना चाहिए । रत्न - नीलम रत्न उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि ग्रह को बल प्रदान करने के लिए प…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र की शांति के लिए स्वर्ण कमल का दान करना चाहिए । रत्न - माणिक रत्न उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह को बलवान बनाने के लिए…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - अश्लेष�� नक्षत्र की शांति के लिए इच्छा अनुसार चांदी का दान करना चाहिए । रत्न - पन्ना रत्न अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहन…
पूरा पढ़ें25 अप्रैल 2022
दान - अनुराधा नक्षत्र की शांति के लिए कम्बल ओढ़ने तथा पहनने वाले वस्त्र का दान करना चाहिए । रत्न - नीलम रत्न अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि ग्रह को बल प्रदान कर…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - पुष्य नक्षत्र की शांति के लिए इच्छा अनुसार स्वर्ण का दान करना चाहिए । रत्न - नीलम रत्न पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जात…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - पुनर्वसु नक्षत्र की शांति के लिए घी के बने मालपुए का दान करना चाहिए । रत्न - पुखराज रत्न पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पह…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - आर्द्रा नक्षत्र की शांति के लिए तिल मिश्रित खिचड़ी का दान करना चाहिए । रत्न - गोमेद रत्न आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहू ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहन…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान – मृगशिरा नक्षत्र की शांति के लिए दूध का दान करना चाहिए । रत्न - मूंगा रत्न मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता है मूंगा…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - रोहिणी नक्षत्र की शांति के लिए घी मिश्रित अन्न का दान करना चाहिए । रत्न - मोती रत्न रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चन्द्र ग्रह को बलवान् बनाने के लिए पहना जाता…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान – कृतिका नक्षत्र की शांति के लिए घी और खीर से युक्त भोजन का दान करना चाहिए । रत्न – माणिक रत्न कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह को बलवान बनाने के लिए धा…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - भरणी नक्षत्र की शांति के लिए तिल एवं धेनु का दान करना चाहिए । रत्न - हीरा रत्न भरणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह को बलवान बनाने के लिए धारण किया जाता हैं…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
दान - अश्विनी नक्षत्र की शांति के लिए कांस्य पात्र में घी भरकर दान करना चाहिए। रत्न - लहसुनिया रत्न अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह को बल प्रदान करने के लि…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे प्रतीक - शेर स्वामी - सूर्य, अग्नि तत्व शुभ अंक - शुभ अंक - 1, 5 और 9 मि��्र राशियां - मिथुन, कन्या, मेष व धनु…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो प्रतीक - बैल स्वामी - शुक्र, भूमि तत्व। शुभ अंक - 5 और 6 और वे सभी नंबर जिनका योग 6 आता हो जैसे 41, 33 मित्र-राशिया…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – तो, ना, नी, नू, ने,नो, या, यी, यू प्रतीक - बिच्छू जैसा स्वामी - मंगल शुभ अंक - 1, 2, 4, 7 मित्र राशियां - कर्क एवं मीन अनुकूल रत्न - मूंगा, मोती श…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ प्रतीक - भेड स्वामी - मंगल शुभ अंक - 6, 9 मित्र राशियाँ - सिंह, तुला और धनु राशि। अनुकूल रत्न -मूंगा शुभ रुद्राक…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची प्रतीक - मछली स्वामी - बृहस्पति, जल तत्व शुभ अंक - 3, 4, 7 मित्र राशियां - कर्क, वृश्चिक अनुकूल रत्न - पुखराज, मूं…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह प्रतीक - स्त्री-पुरुष आलिंगनबद्ध स्वामी - बुध, शुभ अंक – 5 मित्र-राशियाँ - तुला, सिंह, कन्या, अनुकूल रत्न – पन्ना श…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर - भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी प्रतीक - मगरमच्छ जैसा स्वामी - शनि, भूमि तत्व शुभ अंक - 5, 6, 8 मित्र राशि - कुम्भ अनुकूल रत्न – नीलम शुभ रुद्र…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे प्रतीक - धनुष उठाए हुए स्वामी - बृहस्पति, अग्नि तत्व शुभ अंक -6, 5,3, 8 मित्र राशि – मेष, सिंह अनुकूल रत्न – पु…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर - रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते, तू प्रतीक - तराजू स्वामी - शुक्र, वायु तत्व शुभ अंक - 5, 6 और 9 मित्र राशियां - मिथुन, कुम्भ, मकर, धनु, कर्क अ…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा प्रतीक - घड़े जैसा स्वामी - शनि, वायु तत्व शुभ अंक – 8 मित्र राशियां - मीन, मिथुन, मकर, वृष, तुला अनुकूल रत्न -…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो प्रतीक - केकड़ा स्वामी - चंद्रमा जल तत्व, शुभ अंक -2,7 और 9 मित्र राशियाँ - वृश्चिक, मीन, तुला अनुकूल रत्न - मो…
पूरा पढ़ें23 अप्रैल 2022
राशि अक्षर – ढो, पा, पी, पू, ष,ण, ठ, पे, पो प्रतीक - कन्या स्वामी - बुध, भूमि तत्व शुभ अंक -5,6 मित्र राशियां - मेष, मिथुन, सिंह, तुला अनुकूल रत्न – पन्ना शुभ…
पूरा पढ़ें22 अप्रैल 2022
1. मेष राशि का मन्त्र ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मी नारायणाय नमः 2. वृष राशि का मन्त्र ॐ गोपालाय उत्तर ध्वजाय नमः 3. मिथुन राशि का मन्त्र ॐ क्लीं कृष्णाय नमः 4. कर्क र…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
नक्षत्र दिशा अश्विनी नक्षत्र उत्तर भरणी उत्तर कृत्तिका पूर्व रोहाणी पूर्व मृगशिरा पूर्व आर्द्रा पूर्व पुनर्वसु पूर्व पुष्य पूर्व अश्लेषा पूर्व मघा दक्षिण पूर्व…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
ग्रह रत्न भार धातु अंगुली वार समय सूर्य माणिक्य 3 रत्ती सोना अनामिका रवि प्रातः चन्द्र मोती 3 रत्ती चांदी कनिष्का सोम प्रातः मंगल मूंगा 6 रत्ती चांदी अनामिका म…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
27 नक्षत्र वाटिका- नक्षत्र को अनुकूल बनाने के लिए उस नक्षत्र का जो पौधा कहा गया हैं उस पौधे का आरोपण करके उसका सिंचन व पूजन करना चाहिए । नक्षत्र वृक्ष अश्विनी…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
नक्षत्र रत्न स्वामी ग्रह अश्विनी नक्षत्र लहसुनिया केतु भरणी हीरा शुक्र कृत्तिका माणिक सूर्य रोहाणी मोती चन्द्र मृगशिरा मूंगा मंगल आर्द्रा गोमेद राहू पुनर्वसु प…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
प्रकृति नाड़ी नक्षत्र स्वामी ग्रह फल चंडा भरणी कृतिका विशाखा अनुराधा शनि प्रचंड वायु , आंधी, तूफ़ान निर्जल वायु अश्विनी रोहिणी स्वाति ज्येष्ठा सूर्य तेज हवा दहन…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
तिथि शुक्ल पक्ष तिथि कृष्णपक्ष पूर्वार्द्ध उतरार्द्ध पूर्वार्द्ध उतरार्द्ध 1 किन्स्तुघ्न बव 16 बालव कौलव 2 बालव कौलव 17 तैत्तिल गर 3 तैत्तिल गर 18 वणिज विष्टि…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
वर्ष जन्म से विषम वर्ष (तीन या पांच) मास माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ पक्ष शुक्लपक्ष तथा कृष्णपक्ष में प्रतिपदा से पंचमी तिथि पर्यत्न तिथियाँ 2, 3, 5, 6…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में शुक्र ग्रह प्रतिकूल हो तो शुक्र ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - शुक्र ग्रह की शान्ति के लिये चित्रित सुन्दर वस्त्र, चावल, घी, स्वर्ण, धन, ह…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में शनि ग्रह प्रतिकूल हो तो शनि ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - शनि दोष की शान्ति हेतु नीलम, भैंसा, काला वस्त्र, लोहा तथा जटा नारियल [उड़द, तिल…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में राहु ग्रह प्रतिकूल हो तो राहु ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - काली भेड़, गोमेद, लोहा, कम्बल, सोने का नाग, तिलपूर्ण ताम्रपात्र का दान करने स…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में मंगल ग्रह प्रतिकूल हो तो मंगल ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - मूँगा, गेहूँ, मसूर की दाल, लाल वर्ण का बैल, कनेर पुष्प, लाल वस्त्र, गुड़, स्व…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में बुध ग्रह प्रतिकूल हो तो बुध ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - बुध की प्रीति के लिए नीला वस्त्र, मूंग, स्वर्ण, पन्ना, स्वर्ण युक्त घी, कांस्य…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में चन्द्र ग्रह प्रतिकूल हो तो चन्द्र ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय- दान - चन्द्रमा की प्रीति के लिये घृत कलश, श्वेत वस्त्र, दही, शंख, मोती, स्वर्ण त…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में गुरु ग्रह प्रतिकूल हो तो गुरु ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - गुरु ग्रह की शान्ति के लिये अश्व, स्वर्ण, मधु (शहद), पीला वस्त्र, पीला धान्य…
पूरा पढ़ें21 अप्रैल 2022
कुंडली में केतु ग्रह प्रतिकूल हो तो केतु को अनुकूल बनाने के लिए उपाय - दान - केतु ग्रह की प्रीति के लिये स्वच्छ वैदूर्य (लहसुनिया), तैल, कस्तूरी, तिलयुक्त ऊनी…
पूरा पढ़ें20 अप्रैल 2022
कुंडली में सूर्य ग्रह प्रतिकूल हो तो सूर्य ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उपाय- दान- सूर्य हेतु लाल-पीले रंग से मिश्रित वर्ण का वस्त्र, गुड़, स्वर्ण, ताम्र, माणिक…
पूरा पढ़ें20 अप्रैल 2022
ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उस ग्रह का जो पौधा कहा गया हैं उस पौधे का आरोपण करके उसका सिंचन व पूजन करना चाहिए । जैसे - शनि ग्रह प्रतिकूल हो तो घर में शमी(खेजड़…
पूरा पढ़ें20 अप्रैल 2022
सूर्ययन्त्रम् रसेन्दुनागा नगवाणरामा, युग्माङ्कवेदा नवकोष्ठमध्ये । विलिख्य धार्यं गदनाशनाय, वदन्ति गर्गादिमहामुनीन्द्राः ॥ 6 1 8 7 5 3 2 9 4 चन्द्रयन्त्रम् नागद…
पूरा पढ़ें19 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान का सम्बन्ध प्राचीन काल से रहा है । पूर्वकाल में एक सुयोग्य चिकित्सक के लिये ज्योतिष विषय का ज्ञाता होना अनिवार्य था । इससे…
पूरा पढ़ें19 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान का सम्बन्ध प्राचीन काल से रहा है । पूर्वकाल में एक सुयोग्य चिकित्सक के लिये ज्योतिष विषय का ज्ञाता होना अनिवार्य था । इससे…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
मेष वृष मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन राशि/संज्ञा सिर मुख बाहू ह्रदय उदर कटी वस्ति प्रजनन ऊरू जानु जंघा चरण शरीर में स्थान चर स्थिर द्विस…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
ग्रह सूर्य चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि एकपाद 3,10 3,10 3,10 3,10 3,10 3,10 ........ अर्ध 5,9 5,9 5,9 5,9 ........ 5,9 5,9 त्रिपाद 4,8 4,8 ........... 4,8 4,…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
सामुद्रिक शास्त्र भारत की बहुत प्राचीन विद्या है। सामुद्रिक शास्त्र का अध्ययन क्षेत्र अत्यन्त व्यापक है, इसमें शरीर लक्षणों के साथ ही हस्त विज्ञान का भी अध्ययन…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
शस्त्रघात से जिनकी मृत्यु हुई हो, मरण काल में अस्पृश्य व्यक्ति से जिनका स्पर्श हो गया हो और जिनकी मरण कालिक शास्त्रोक्त विधि पूर्ण न की जा सकी हो, उन व्यक्तियो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
क्यों- गरुड पुराण के अनुसार स्थूल शरीर के नष्ट हो जाने पर यममार्ग में यात्रा के लिये आति वाहिक शरीर की प्राप्ति होती है । इस आतिवाहिक शरीर के दस अंगों का निर्म…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
भारतीय संस्कृति में नागों का बहुत महत्व है। नाग भगवान शिव के गले का हार है इन्हें शक्ति एवं सूर्य का अवतार माना गया है। अमृत-मन्थन के समय जब राहु का सिर काटकर…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
प्रायः समस्त भारतीय विज्ञान का लक्ष्य एक मात्र अपनी आत्मा का विकास कर उसे परमात्मा में मिला देना है । विज्ञान का ध्येय विश्व की गूढ़ पहेली को सुलझाना है । ज्यो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
तिथि और तारीख में अन्तर है । एक सूर्योदय काल से अगले सूर्योदय काल तक के समय को तिथि कहते हैं । तिथि का मान रेखांश के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कुछ मिनट या घण्…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
विषम राशियां मेष, मिथुन, सिंह तुला, धनु, एवं कुंभ (1,3,5,7,9,11) विषम राशियां हैं । सम राशियां वृष, कर्क, कन्या वृश्चिक, मकर, एवं मीन (2,4,6,8,10,12) सम राशिया…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
शुभ मुहूर्त में यात्रा करने से, बिना अधिक परिश्रम किये कार्य की सिद्धि होती है जबकि अशुभ मुहूर्त में यात्रा करने से हानि होती हैं । गुरु या शुक्र का अस्त होना…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
किसी व्यक्ति को प्रयत्न करने पर भी निवास के लिये भूमि अथवा मकान न मिल रहा हो, उसे भगवान् वराह की उपासना करनी चाहिये । भगवान् वराह की उपासना करने से, उनके मन्त्…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
दीर्घायुः तस्करो भोगी, बुद्धिमान् जायते नरः क्रमान्पादचतुराणां तु पुष्यस्य च प्रकीर्तनात् । प्रथम चरण में जातक लम्बी आयु वाला होता हैं । चरण का स्वामी सूर्य, न…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
जो मनुष्य गृहारम्भ या गृहप्रवेश के समय वास्तु पूजा करता है, वह आरोग्य, पुत्र, धन और धान्य प्राप्त करके सुखी होता हैं । चैत्र मास में गृहारम्भ करने से रोग और शो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
ये तिथियाँ गृहारम्भ के लिये शुभ फल देने वाली हैं । द्वितीया तिथि शुभ फल देने वाली हैं । तृतीयाश तिथि शुभ फल देने वाली हैं । पंचमी तिथि शुभ फल देने वाली हैं । ष…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
जो मनुष्य गृहारम्भ या गृहप्रवेश के समय वास्तु पूजा करता है, वह आरोग्य, पुत्र, धन और धान्य प्राप्त करके सुखी होता है । मेष राशि के सूर्य में गृहारम्भ करने से शु…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
घर के किसी अंश को आगे नहीं बढ़ाना चाहिये। यदि बढ़ाना हो तो सभी दिशाओं में समान रूप से बढ़ाना चाहिये। घर को पूर्व दिशा में बढ़ाने पर मित्रों से वैर होता है। दक्…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
मूल संज्ञक - ज्येष्ठा, आश्लेषा, रेवती, मूल, मघा, अश्विनी पंचक संज्ञक - धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्र, उत्तरमाद्र और रेवती ध्रुव संज्ञक - उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराष…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
ग्रह मित्र ग्रह सम ग्रह शत्रु ग्रह सूर्य चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति बुध शुक्र, शनि, राहु, केतु चंद्रमा सूर्य, बुध शनि, शुक्र, बृहस्पति, मंगल राहु, केतु मंगल सूर्य…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
सूर्य- उच्च रक्तचाप, तीव्रज्वर, पेट तथा नेत्र संबंधी रोग, पित्तज बीमारियां तथा हृदय रोग देता है। जब सूर्य पीड़ित होता है तथा जलीय राशियों में स्थित होता है तो…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
1. जन्म लग्न से ग्रहों की स्थिति अनुसार फल कहना । 2. जन्म-कालीन चन्द्रमा जिसको चन्द्रलग्न भी कहते हैं, उस स्थान से ग्रहों की स्थिति अनुसार फल कहना । 3. गोचर कु…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
विवाह के पूर्व वर कन्या की जम्मपत्रिया मिलाने को मेलापक कहते है। ज्योतिष में लग्न को शरीर और चन्द्रमा को मन माना गया है। प्रेम मन से होता है, शरीर से नहीं । इस…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
पित प्रकृति राशि - मेष, सिंह,धनु वायु प्रकृति राशि - वृष, कन्या,मकर मिश्रित प्रकृति राशि - मिथुन, तुला,कुम्भ कफ प्रकृति राशि - कर्क, वृश्चिक,मीन राशियों का स्व…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
1. मेष -सिर 2. वृष -आंखें, चेहरा, गर्दन, मुंह के अन्दर का भाग, 3. मिथुन - भुजाएं, छाती के ऊपर का भाग, कान कंधे। 4. कर्क - हृदय, फेफड़े (छाती के अन्दर का भाग) स…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
सूर्यादिवारे तिथयो भवन्ति मघाविशाखाशिवमूलवह्निः । ब्राह्मचं करोर्काद्यमघण्ट काश्च शुभे विवर्ज्यागमने त्ववश्यम् ॥ रविवार को मघा, सोमवार को विशाखा, मंगलवार को आर…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
नन्दा च भद्रा च जया च रिक्ता पूर्णेति तिथ्योऽशुभमध्यशस्ताः । सितेऽसिते शस्तसमाधमाः स्युः सितज्ञभौमार्किगुरौ च सिद्धाः ॥ नन्दा, भद्रा, जया, रिक्ता, पूर्णा—तिथिय…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
ज्योतिष शास्त्र में विशेष प्रकार से बनने वाले योगों को विशिष्ट राजयोग कहते हैं। ये योग सामान्य योगों से हटकर होते हैं। कलश योग - यदि सभी शुभ ग्रह नवम तथा एकादश…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
मेष - लाल शरीर, कफ प्रकृति, अधिक क्रोधी, कृतघ्न, मंद बुद्धि, स्थिरता-युक्त, स्त्री तथा नौकरों से सदा पराजित वृष - मानसिक रोग, स्वजनों से अपमानित, प्रिय पुरुषों…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
1. मेष- वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता है। मंगल मकर राशि में 28 अंश तक उच्च रहता है। मंगल कर्क राशि में 28 अंश तक नीच रहता है। 2. वृष- तुला राशि का स्वामी शु…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
राशियों को चार तत्त्वों में बाँटा गया है। पाँचवा तत्त्व आकाश है, जिस में यह चारों मिलते है। राशियाँ जब लग्न में उदित होती है, तो जातक में राशियों के तत्त्व अनु…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
मेष- इस राशि का आधिपत्य पूर्व दिशा में होता है। यह राशि पुरुषजाति, चरसंज्ञक, अग्नितत्त्व, पित्तप्रकृति, भूमि पर निवास वाली, क्षत्रियवर्ण, अल्पसन्तति, रात्रिबली…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
स्थानबल, दिग्बल, कालबल, नैसगिकबल, चेष्टाबल और दृग्बल ये छह प्रकार के बल हैं । 1. स्थानबल- जो ग्रह उच्च, स्वगृही, मित्रगृही, मूल-त्रिकोणस्थ, स्व-नवांशस्थ अथवा द…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
सूर्य से- पिता, आत्मा, प्रताप, आरोग्यता, आसक्ति और लक्ष्मी का विचार किया जाता है। चन्द्रमा से- मन, बुद्धि, राजा की प्रसन्नता, माता और धन का विचार किया जाता है।…
पूरा पढ़ें30 मार्च 2022
सूर्य- पितृ, आत्मा, स्वभाव, आरोग्यता, राज्य, देवालय का कारक होता है। चन्द्र- चन्द्र मन का कारक होता है। मंगल- शक्ति, बल, भूसम्पत्ति, कृषि, धैर्य, छोटा भाई, परा…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
लग्न- लग्न- बालक का जब जन्म हुआ, उस समय पूर्व दिशा में किस राशि का उदयमान था, जिस राशि का समय-काल था, वही जन्म-लग्न है। होरास्कन्ध- मानव जीवन के सुख-दुःख, सभी…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
'अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभम्' वैदिक दर्शन की पुनर्जन्म की अवधारणा के अनुसार मनुष्य निरन्तर शुभ-अशुभ कर्मों में निरत रहता है। उसे कर्मों का फल अवश्य…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
कालगणनाक्रम .1 1 परमाणु = काल की सूक्ष्मतम अवस्था 2 परमाणु = 1 अणु 3 अणु = 1 त्रसरेणु 3 त्रसरेणु = 1 त्रुटि 10 त्रुटि = 11 प्राण 10 प्राण = 1 वेध 3 वेध = 1 लव…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
'ज्योतिषां सूर्यादिग्रहाणां बोधकं शास्त्रम्' ज्योतिष-शास्त्र की इस व्युत्पत्ति के अनुसार सूर्यादि ग्रह और काल का बोध कराने वाले शास्त्र को ज्योतिषशास्त्र कहते…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
विष्णु पुराण के अनुसार एक समय देवताओं और दानवों में लंबे समय तक युद्ध चलता रहा। भगवान विष्णु ने दोनों पक्षों से समुद्र मंथन करने के लिए के लिए युद्ध रोकने का आ…
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जिस भूमि पर मनुष्यादि प्राणी निवास करते हैं, उसे वास्तु कहा जाता है। इस के गृह, देव प्रासाद, ग्राम, नगर, आदि अनेक भेद हैं। वास्तु के आविर्भाव के विषय में मत्स्…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
सत्ययुग- सत्ययुग = 4000 देवतावर्ष। सत्ययुग की पूर्व सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग की अन्तिम सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग- 1440000+144000+144000 =1728000 (…
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सप्ताह सूर्यादि सात वारों के क्रमानुसार एक चक्र पूर्ण होने के काल का नाम सप्ताह है। पक्ष पक्ष दो हैं, कृष्णपक्ष तथा शुक्लपक्ष। ये 15-15 तिथियों के होते हैं। कृ…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
भविष्यपुराण के अनुसार मूलमन्त्र, नाम-संकीर्तन मन्त्रों से कमल के मध्य में स्थित तिथियों के स्वामी देवताओं की विविध उपचारों से भक्तिपूर्वक यथाविधि पूजा करनी चाह…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल एवं रेवती नामक छह नक्षत्र गंड मूल नक्���त्र कहलाते हैं। यदि जन्म के समय चंद्रमा गंड मूल नक्षत्र में हो तो27 दिनों के पश्चा…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
तिथि के आधे भाग को 'करण' कहते हैं। ये दो होते हैं पूर्वार्द्ध तथा उत्तरार्द्ध । एक चन्द्रमास में 30 तिथियाँ और 60 करण होते हैं। चन्द्र और सूर्य के भोगांशों के…
पूरा पढ़ें24 मार्च 2022
धनिष्ठाका उत्तरार्ध शतभिषा पूर्वाभाद्रपद उत्तरा भाद्रपद रेवती इन पाँच नक्षत्रों को पंचक कहते हैं। पंचक में निषिद्ध कार्य को निरूपित करते हुए बताया गया है। धनिष…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
प्रातः काल- प्रतिदिन सूर्योदय से 48 मिनट पूर्व का काल। उषाकाल- सूर्योदय से २ घण्टा पूर्व का काल। अरुणोदयकाल- सूर्योदय से 1 घण्टा 12 मिनट तक का काल | अभिजित्काल…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
सप्ताह सूर्यादि सात वारों के क्रमानुसार एक चक्र पूर्ण होने के काल का नाम सप्ताह है। पक्ष पक्ष दो हैं, कृष्णपक्ष तथा शुक्लपक्ष। ये 15-15 तिथियों के होते हैं। कृ…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
भारतीय ज्योतिष में सम्पूर्ण गणना पृथ्वी को केन्द्र मानकर की गयी है, जबकि वास्तव में सौर-परिवार का केन्द्र सूर्य है, जिसके चारों ओर अपनी-अपनी कक्षाओं में पृथ्वी…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
सूर्य और चन्द्र के बीच की 12 डिग्री की दूरी को एक तिथि कहा जाता है। अमावस्या को सूर्य और चन्द्र एक राशि के समान अंश पर होते हैं । 0° से 12° तक दूरी शुक्लपक्ष प…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
चान्द्रमासों के नाम नक्षत्रों के नाम पर रखे गये है। पूर्णिमा को जो नक्षत्र होता है,उस नक्षत्र के नाम पर मास का नाम रखा गया है चन्द्रमा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान रेवती नक्षत्र 32 तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार वमे मृदन्ग या मछली के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण - चरण स्वामी ग्रह दे दो चा ची गुरु शनि शनि ग…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान उत्तराभाद्रपद नक्षत्र 2 तारों से मिलकर बना हैं । इसका आकार यमल (जोडा) के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह दू ध झ ञ सूर्य बुध शुक्…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र 2 तारों से मिलकर बना हैं । इसका आकर मंच के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह से सो द दी मंगल शुक्र बुध चन्द्…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान शतभिषा नक्षत्र 100 तारों से मिलकर बना होता हैं । यह आकार में वृत के समान सिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह गो सा सी सू गुरु शनि शनि गुर…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान धनिष्ठा नक्षत्र पांच तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में मृदंग के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह गा गी गू गे सूर्य बुध शुक्र म…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान श्रवण नक्षत्र तीन तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में बाण के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह खी खू खे खो मंगल शुक्र बुध चन्द्र…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान उत्तराषाढ़ नक्षत्र दो तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में मंच के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह भे भो ज जी गुरु शनि शनि गुरु द…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान पूर्वाषाढ़ नक्षत्र 2 तारों से मिलकर बना हैं । यह आकृति में हाथी दांत के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह भू ध फ ढ सूर्य बुध शुक्र…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मूल नक्षत्र 11 तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में सिंह की पूंछ के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह ये यों भ भी मंगल शुक्र बुध च…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान ज्येष्ठा नक्षत्र 3 तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में कुंडल के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह नो या यी यू गुरु शनि शनि गुरु द…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान अनुराधा नक्षत्र 4 तारों से मिलकर बना हैं । यह आकृति में जलधारा के समान दिखाई देता हैं नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह ना नी नू ने सूर्य बुध शुक्र मंगल…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान विशाखा नक्षत्र पांच तारों से मिलकर बना हैं । यह आकार में तोरण के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह ती तू ते तो मंगल शुक्र बुध चन्द…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान स्वाति नक्षत्र में एक बहुत बड़ा तारा हैं । यह चित्रा से उत्तर में चमकता हुआ दिखाई देता हैं । इसका आकार मूंगा के समान हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान चित्रा नक्षत्र में एक तारा हैं जो प्रकाशवान हैं । यह आकार में मोती के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह पे पो रा री सूर्य बुध शुक्…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान हस्त नक्षत्र 5 तारों से मिलकर बना हैं । हाथ की उंगलियों की पांच नोक के समान ये पांच तारे दिखाई देते हैं । इसका आकर हाथ के समान हैं । नक्षत्र के चरण एवं च…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र 2 तारों से मिलकर बना हैं । इसके 2 तारों को पूर्व फाल्गुनी के 2 तारों से मिलाने पर श्य्यकार आकृति दिखाई देती हैं । नक्षत्र के चरण ए…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 2 तारों से मिलकर बना हैं । इसके दो तारों को उत्तरा फाल्गुनी के दो तारों से मिलाने पर खटवाकार आकृति दिखाई देती हैं । नक्षत्र के चरण…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मघा नक्षत्र 6 तारों से मिलकर बना हैं । इसका आकार हसिया के समान दिखाई देता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह मा मी मू में मंगल शुक्र बुध चन्द्र दिश…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान अश्लेषा नक्षत्र 5 तारों से मिलकर बना हैं । इसका आकर चक्र के सामान हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह डी डू डे डो गुरु शनि शनि गुरु दिशा दक्षिण देवत…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान पुष्य नक्षत्र 3 तरी से मिलकर बना हैं । इसका आकार बाण के सामान हैं । इसके छोटे तीन तारों सेव त्रिकोण बनता हैं, जो देखने में एक तारे के समान दिखता हैं । नक…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान पुनर्वसु नक्षत्र 4 तारों से मिलकर बना होता हैं । इसका आकार घर के समान माना जाता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह के को ह ही मंगल शुक्र बुध चन्द्र…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान आद्रा नक्षत्र में एक तारा होता हैं । यह प्राय भरणी के सीध में और मृगशिरा तथा पुनर्वसु के बीच में दिखता हैं । इसका आकर मणि के समान माना जाता हैं । नक्षत्र…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मृगशिरा नक्षत्र 3 तारों से मिलकर बना हैं । इसका आकर हिरण के समान माना जाता हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह वे वो क की सूर्य बुध शुक्र मंगल दिशा…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान रोहिणी नक्षत्र 5 तारों से मिलकर बना हैं । इसके तारों का आकर शकट (गाड़ी) के समान हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह ओ वा वी बु मंगल शुक्र बुध चन्द्र…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान कृतिका नक्षत्र 6 तारों का समूह हैं । इसका आकर चाकू के सामान हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह अ इ उ ए गुरु शनि शनि गुरु दिशा उत्तर देवता अग्नि स्व…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान भरणी नक्षत्र छोटे-छोटे तीन तारो से मिलकर बना हैं । इनके तारों का आकर त्रिकोणाकार हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह ली लू ले लो सूर्य बुध शुक्र मंग…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान अश्विनी नक्षत्र 3 तारों से मिलकर बना हैं । इसके तारों का आकार घोड़े के मुख के समान होने से इसे अश्विनी कहते हैं । नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह चू च…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मीन राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर दो मछलियों के समान आकार दिखाई दे…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान कुंभ राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर घट को कंधे पर धारण किये हुए पुर…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मकर राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर मगरमच्छ के समान आकार दिखाई देता…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान धनु राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर धनुर्धर पुरुष के समान आकार दिखाई…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान वृश्चिक राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर बिच्छु के समान आकार दिखाई दे…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान तुला राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर तराजू हाथ मे लिए पुरुष के समान…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान कन्या राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर नोका रुड बालिका के समान आकार द…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान सिंह राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर शेर के समान आकार दिखाई देता है…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान कर्क राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर केंकड़े के समान आकार दिखाई देता…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मिथुन राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर नर व नारी (जोड़े) के समान आकार…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान वृष राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर नर वृषभ/बैल के समान आकार दिखाई द…
पूरा पढ़ें22 मार्च 2022
पहचान मेष राशि का स्वरूप- आकाशीय राशि प्रदेश में तारो को यदि रेखाओ से मिलाया जाये तो पृथ्वी के किसी बिंदु से आकाश में देखने पर नर भेड़ के समान आकार दिखाई देता…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
सूर्य चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि राहु केतु ��ाणिक्य सफेद चावल लाल चन्दन कांस्यपात्र पीला धान्य सफेद चंदन नीलम, तिल सप्तधान्य कम्बल, कस्तूरी गेहूं, गुड़ सफे…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
कल्प पाँच प्रकार के माने गये हैं- नक्षत्रकल्प वेदकल्प संहिताकल्प आङ्गिरसकल्प शान्तिकल्प नक्षत्रकल्प में नक्षत्रों के स्वामी का विस्तारपूर्वक यथार्थ वर्णन किया…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
तिथिवारं च नक्षत्रं योगः करणमेव च । यत्रैतत्पञ्चकं स्पष्टं पञ्चाङ्गं तन्निगद्यते ॥ जानाति काले पञ्चाङ्गं तस्य पापं न विद्यते । तिथेस्तु श्रियमाप्नोति वारादायुष…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
प्राचीन काल के ऋषि-मुनियों के पास आज की तरह न तो विकसित वेधशालाएँ थीं और न सूक्ष्म परिणाम देने वाले आधुनिकतम वैज्ञानिक उपकरण, फिर भी वे अपने अनुभव तथा अतीन्द्र…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
मनुष्य के आज भी समस्त कार्य ज्योतिष के द्वारा ही चलते हैं । व्यवहार के लिये अत्यन्त उपयोगी दिन, सप्ताह, पक्ष, मास, अयन, ऋतु, वर्ष एवं उत्सव, तिथि आदि का परिज्ञ…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
गणित, होरा एवं संहिता - इन तीन स्कन्धों से युक्त ज्योतिष शास्त्र वेद का नेत्र प्रधान अंग है । इस विद्या से भूत, भविष्य, वर्तमान, सभी वस्तुओं तथा त्रिलोक का प्र…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
मानव जीवन के सुख-दुःख सभी शुभाशुभ विषयों का विवेचन करने वाला विभाग होरा शास्त्र है । इसमें इष्टकाल के द्वारा विविध कुण्डलियों का निर्माण कर जातक के पूर्वजन्म,…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
संहिता में सिद्धान्त और फलित दोनों के विषयों का मिश्रण है । गणित एवं फलित के मिश्रित रूप को अथवा ज्योतिष शास्त्र के सभी पक्षों पर जिसमें विचार किया जाता है, उस…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
काल की लघुत्तम इकाई से प्रलयान्त काल तक की कालगणना की हो, कालमानों के सौर-सावन-नाक्षत्र चान्द्र आदि भेदों का निरुपण किया हो, ग्रहों की मार्गी-वक्री, शीघ्र-मन्द…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
संसार के सभी दृश्य पदार्थ परिवर्तन शील हैं । इसी परिवर्तन के ज्ञान का जो हेतु है, उसी को काल कहते हैं । यह काल अद्वितीय, सर्वव्यापी तथा नित्य है । भूत, भविष्य…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
महर्षि पाणिनि ने ज्योतिष को वेदपुरुष का नेत्र कहा है - 'ज्योतिषामयनं चक्षुः'। जैसे मनुष्य बिना नेत्र के किसी भी वस्तु का दर्शन करने में असमर्थ होता है, ठीक वैस…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
शास्त्रोक्त नियम को ही 'व्रत' कहते हैं, वही 'तप' माना गया है । 'दम' (इन्द्रियसंयम) और 'शम' (मनोनिग्रह) विशेष नियम व्रत के ही अङ्ग हैं । व्रत करने वाले पुरुष को…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
संस्कार क्यों- चौरासी लाख योनियों में भटकता हुआ प्राणी भगवत्कृपा से तथा अपने पुण्यपुंजों से मनुष्य योनि प्राप्त करता है। मनुष्य शरीर प्राप्त करने पर उसके द्वार…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
ज्योतिष में रत्नों की विशेष महिमा है। रत्नों की चमत्कारी शक्ति का सम्बन्ध आकाशीय ग्रहों से है।प्रत्येक ग्रह में प्राकृतिक गुण होते हैं। ग्रह विशेष और रत्नविशेष…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
जन्म के साथ ही मानव को स्वरोदय-ज्ञान मिला है। यह विशुद्ध वैज्ञानिक आध्यात्मिक ज्ञान-दर्शन है, प्राण ऊर्जा है, विवेक शक्ति है। स्वर-साधना अनुभव से हमारे ऋषि-मुन…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
जन्मपत्री पूर्वार्जित कर्मों को जानने का माध्यम है । पूर्वकृत कर्म से मनुष्य को कौन-सी व्याधि होगी? इसका ज्ञान ज्योतिष विद्या से ही प्राप्त होता है । भारतीय सं…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
विभिन्न मन्वन्तरों में धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिये तथा अपने सदाचरण से उत्तम शिक्षा प्रदान करने के लिये सात ऋषि उत्पन्न (अवतरित) होते हैं । ये ही सप्तर्षि…
पूरा पढ़ें17 मार्च 2022
भद्रा भगवान् सूर्य की पुत्री हैं । ये सूर्य पत्नी छाया से उत्पन्न हैं और शनैश्चर की बहन हैं । भद्रा का वर्ण काला, रूप भयंकर, केश लम्बे और दाँत बड़े विकराल हैं…
पूरा पढ़ें12 मार्च 2022
देवकार्यादपि सदा पितृकार्य विशिष्यते । देवताभ्यो हि पूर्वं पितॄणामाप्यायनं वरम् ॥ (हेमाद्रि में वायु तथा ब्रह्मवैवर्त का वचन) देव कार्य की अपेक्षा पितृकार्य की…
पूरा पढ़ें12 मार्च 2022
जब जन्म कुण्डली में या वर्ष-कुण्डली में या ग्रह गोचर आदि में कोई ग्रह खराब स्थिति में हो तो अरिष्ट-निवारण के लिये ग्रहों के निमित्त दान-पुण्य करने की विधि हैं…
पूरा पढ़ें12 मार्च 2022
सूर्य ॐ आ कृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्य च। हिरण्ययेन सविता रथेना देवो याति भुवनानि पश्यन्॥ चन्द्र ॐ इमं देवा असपत्नः सुवध्वं महते क्षत्राय महते ज्…
पूरा पढ़ें12 मार्च 2022
सूर्य पद्मासनः पद्मकर: पद्मागर्भसमद्युतिः । सप्ताश्वः सप्तरज्जुश्च द्विभुज: स्यात् सदा रविः ॥ सूर्य ग्रहों के राजा हैं। यह कश्यप गोत्र के क्षत्रिय एवं कलिंग दे…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
स्वप्न परम पिता परमात्मा की एक विशेष रचना है। सनातन धर्म के धार्मिक ग्रंथो में मनुष्य शरीर की चार अवस्थाये बताई गयी हैं। जागृत निद्रा स्वप्न तुरीय सपना विषय मन…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
योग का अर्थ होता है जोड़ । योग की उत्पत्ति नक्षत्र से होती है। भूकेन्द्रीय दृष्टि से सूर्य + चन्द्रमा की गति का योग एक नक्षत्र भोगकाल 13 अंश 20 कला होता है तब…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
चन्द्रमा जिस पथ पर पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करता है, तो उस समय मुख्य तारों के समूह के बीच मध्य से चन्द्रमा गुजरता है उसी समूह को नक्षत्र कहते हैं। चन्द्रमा क…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
यद्यपि संक्रान्ति का सम्बन्ध आकाश में घुमने वाले समस्त ग्रहों के साथ है, तथापि मुख्य रूप से सूर्य की संक्रान्ति ही संसार में पुण्यजनक होने कारण प्रसिद्ध है। सन…
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