28 मार्च 2022
युगप्रमाण
सत्ययुग- सत्ययुग = 4000 देवतावर्ष। सत्ययुग की पूर्व सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग की अन्तिम सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग- 1440000+144000+144000 =1728000 (…
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28 मार्च 2022
सत्ययुग- सत्ययुग = 4000 देवतावर्ष। सत्ययुग की पूर्व सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग की अन्तिम सन्ध्या- 400 देवतावर्ष। सत्ययुग- 1440000+144000+144000 =1728000 (…
पूरा पढ़ें28 मार्च 2022
सप्ताह सूर्यादि सात वारों के क्रमानुसार एक चक्र पूर्ण होने के काल का नाम सप्ताह है। पक्ष पक्ष दो हैं, कृष्णपक्ष तथा शुक्लपक्ष। ये 15-15 तिथियों के होते हैं। कृ…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
प्रातः काल- प्रतिदिन सूर्योदय से 48 मिनट पूर्व का काल। उषाकाल- सूर्योदय से २ घण्टा पूर्व का काल। अरुणोदयकाल- सूर्योदय से 1 घण्टा 12 मिनट तक का काल | अभिजित्काल…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
सप्ताह सूर्यादि सात वारों के क्रमानुसार एक चक्र पूर्ण होने के काल का नाम सप्ताह है। पक्ष पक्ष दो हैं, कृष्णपक्ष तथा शुक्लपक्ष। ये 15-15 तिथियों के होते हैं। कृ…
पूरा पढ़ें23 मार्च 2022
भारतीय ज्योतिष में सम्पूर्ण गणना पृथ्वी को केन्द्र मानकर की गयी है, जबकि वास्तव में सौर-परिवार का केन्द्र सूर्य है, जिसके चारों ओर अपनी-अपनी कक्षाओं में पृथ्वी…
पूरा पढ़ें21 मार्च 2022
संसार के सभी दृश्य पदार्थ परिवर्तन शील हैं । इसी परिवर्तन के ज्ञान का जो हेतु है, उसी को काल कहते हैं । यह काल अद्वितीय, सर्वव्यापी तथा नित्य है । भूत, भविष्य…
पूरा पढ़ें9 फ़रवरी 2022
यद्यपि संक्रान्ति का सम्बन्ध आकाश में घुमने वाले समस्त ग्रहों के साथ है, तथापि मुख्य रूप से सूर्य की संक्रान्ति ही संसार में पुण्यजनक होने कारण प्रसिद्ध है। सन…
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