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युगप्रमाण

सत्ययुग-

सत्ययुग = 4000 देवतावर्ष।

 सत्ययुग की पूर्व सन्ध्या- 400 देवतावर्ष।

 सत्ययुग की अन्तिम सन्ध्या- 400 देवतावर्ष।

 सत्ययुग- 1440000+144000+144000 =1728000 (सत्रह लाख अट्ठाईस हजार) मानववर्ष।

त्रेतायुग-

 त्रेतायुग 3000 देवतावर्ष।

 त्रेतायुग की पूर्व सन्ध्या- 300 देवतावर्ष।

 त्रेतायुग की अन्तिम सन्ध्या 300 देवतावर्ष।

त्रेतायुग 1080000+108000+108000 = 1296000 (बारह लाख छियानबे हजार) मानववर्ष।

द्वापर-

द्वापर युग 2000 देवतावर्ष।

 द्वापर की पूर्व सन्ध्या 200 देवतावर्ष।

द्वापरयुग की अन्तिम सन्ध्या – 200 देवतावर्ष।

 द्वापर युग 720000+72000+72000 =-864000 (आठ लाख चौसठ हजार) मानववर्ष।

कलियुग-

कलियुग 1000 देवतावर्ष।

 कलियुग की पूर्व सन्ध्या 100 देवतावर्ष।

 कलियुग की अन्तिम सन्ध्या 100 देवतावर्ष।

कलियुग 360000+36000+36000= 432000 (चार लाख बत्तीस हजार) मानववर्ष ।

चतुर्युगी-

चतुर्युगी देवताओं के 12000 वर्ष ।

मनुष्यों के = 4320000 वर्ष (तिरालीस लाख बीस हजार मानववर्ष) ।

कलियुग से दुगुना द्वापरयुग, तिगुना त्रेतायुग और चौगुना सत्ययुग होता है। एक चतुर्युगी कलियुग से दस गुनी होती है।

विश्व सृष्टिमान-

विश्व सृष्टिमान ईसवी सन् 2020 में कलियुग को प्रारम्भ हुए 5121 वर्ष हो गये हैं। विश्व-सृष्टि के 197 2949121 वर्ष ( एक अरब सत्तानबे करोड़ उनतीस लाख, उनचास हजार एक सौ इक्कीस वर्ष) बीत चुके हैं। अभी 28वाँ चतुर्युग चल रहा है। यह वैवस्वत नाम का सातवाँ मन्वन्तर चल रहा है।

मन्वन्तर-

1 महायुग (चतुर्युगी) = = 4320000  मानव वर्ष ।

 71.43 महायुग= 1 मन्वन्तर (1 मनुका जीवन काल) ।

1000 महायुग = 1 कल्प- ब्रह्मा का 1 दिन (4320000000मानववर्ष)

 ब्रह्मा की 1 रात= 1 कल्प।

 360 कल्प= ब्रह्मा का 1 वर्ष ।

 ब्रह्मा की आयु = 100 ब्राह्मवर्ष= 360×100=36000 कल्प ।

1 मन्वन्तर = 1000 चतुर्युगी का चौदहवाँ भाग= 17103 दिव्य वर्ष । 1 मन्वन्तर= 2 ब्राह्म अयन। उत्तरायण-ब्रह्मलोक का प्रकाशमार्ग ।

दक्षिणायन=ब्रह्मलोक का धूम्रमार्ग।

मन्वन्तर का उत्तरायण=एक मनुकी पूर्ण आयु । मन्वन्तर का दक्षिणायन= अन्य मनुका जीवनकाल। ब्रह्मा का 1 वर्ष-दस हजार अस्सी मनुओं की आयु के बराबर ।

1 कल्प= 14 मन्वन्तर

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