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द्वादश राशियो मे मंगल ग्रह का फल

मेष राशि में मंगल हो तो जातक सत्यवक्ता, तेजस्वी, शूरवीर, नेता, साहसी, दानी, राजमान्य, लोकमान्य, धनवान होता है।

वृष राशि में मंगल हो तो जातक पुत्र द्वेेष, प्रवासी, सुखहीन, पापी, लड़ाकू प्रकृति, वचक होता है।

मिथुन राशि में मंगल हो तो जातक शिल्पकार, परदेशवासी, कार्यदक्ष, सुखो, जनहितैषी होता है।

कर्क राशि में मंगल हो तो जातक सुखाभिलाषी, दोन, सेवक, कृषक, रोगी, दुष्ट होता है।

सिंह राशि में मंगल हो तो जातक शूर वीर, सदाचारी, परोपकारी, कार्यनिपुण, स्नेहशील होता है।

कन्या राशि में मंगल हो तो जातक लोकमान्य, व्यवहारकुशल, पापभीरु, शिल्पज्ञ, सुखी होता है।

तुला राशि में मंगल हो तो जातक प्रवासी, वक्ता, कामी, परधनहारी होता है।

वृश्चिक राशि में मंगल हो तो जातक व्यापारी, चोरो का नेता, पातकी, शठ, दुराचारी होता है।

धनु राशि राशि में मंगल हो तो जातक कठोर, शठ, क्रूर, परिश्रमी, पराधोन होता है।

मकर राशि में मंगल हो तो जातक ख्यातिप्राप्त, पराक्रमो, नेता, ऐश्वर्यशाली, सुखी, महत्त्वाकाक्षी होता है।

कुम्भ राशि में मंगल हो तो जातक माचारहीन, मत्सरवृत्ति, सट्टे से घननाशक, व्यसनी, लोभी होता है।

मीन राशि में मंगल हो तो जातक रोगी, प्रवासी, मान्त्रिक, वन्धु-द्वेषी, नास्तिक, हठो, घूर्त और वाचाल होता है।

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