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पुनर्वसु नक्षत्र
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| पहचान | पुनर्वसु नक्षत्र 4 तारों से मिलकर बना होता हैं । इसका आकार घर के समान माना जाता हैं । |
| नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह | के को ह ही मंगल शुक्र बुध चन्द्र |
| दिशा | उत्तर |
| देवता | अदिति |
| स्वामी गृह | गुरु |
| स्वामी गृह दशा | 16 वर्ष |
| शुभाशुभ | भय |
| नक्षत्र गण | देव |
| नक्षत्र संज्ञा | चर चल |
| वृक्ष | बॉस |
| वर्ण | के को ह – शुद्र ही – विप्र |
| योनी | मार्जार |
| योनी वैर | मूषक |
| गुण | सत्वगुण |
| नाड़ी | आदि |
| राशि | के को ह – मिथुन ही – कर्क |
| नक्षत्र राशी स्वामी | के को ह – बुध ही – चन्द्र |
| लिंग | स्त्री |
| जाति | वैश्य |
| वश्य | के को ह – द्विपद नर ही – जलचर |
| प्रभावित अंग | नाक |