ज्योतिष ब्लॉग

मघा नक्षत्र शांति

1 मिनट पढ़ें

दान -

मघा नक्षत्र की शांति के लिए तिल से भरे घड़ों का दान करना चाहिए ।

रत्न -

लहसुनिया रत्न मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह को को बल प्रदान करने के लिए पहना जाता हैं ।

शुभ प्रभाव - व्यावसायिक सफलता देता है ।

धारण - रत्न को दायें हाथ की मध्यमा उंगली में शनिवार को धारण करना चाहिए ।

व्रत -

मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह का व्रत 18 शनिवारों तक करना चाहिये । काले रंग का वस्त्र धारण करना चाहिये । पात्र में जल, दूर्वा और कुशा अपने पास रख ले । जप के बाद इनको पीपल की जड़ में चढ़ा दे । भोजन में मीठा चूरमा, मीठी रोटी, समयानुसार रेवड़ी, और काले तिल से बने पदार्थ खाये । रात में घी का दीपक पीपल वृक्ष की जड़ में रख दिया करे । इस व्रत के करने से शत्रु का भय दूर होता है, राजपक्ष से विजय मिलती है, सम्मान बढ़ता है ।

मन्त्र -

जप संख्या – 10000

वैद मन्त्र -
ॐ पितृभ्य: स्वधायिभ्य स्वाधानम: पितामहेभ्य: स्वधायिभ्य: स्वधानम: ।
प्रपितामहेभ्य स्वधायिभ्य स्वधानम: अक्षन्न पितरोSमीमदन्त:
पितरोतितृपन्त पितर:शुन्धव्म । 
पौराणिक मंत्र -
पितरः पिण्डह्स्ताश्च कृशाधूम्रा पवित्रिणः ।
कुशलं द्घुरस्माकं मघा नक्षत्र देवताः ॥
नक्षत्र देवता मंत्र -  
ॐ पितृभ्यो नमः ।
नक्षत्र नाम मंत्र -
ॐ मघायै नमः ।
पूजन -

मघा नक्षत्र को अनुकूल बनाने के लिए बड़ के पौधे की पूजा की जाती है ।

इस लेख से आगे व्यक्तिगत मार्गदर्शन चाहिए?

व्यक्तिगत सलाह और समयबद्ध कदमों के लिए पंडित पवन कुमार शर्मा से परामर्श बुक करें।

परामर्श बुक करें
मघा नक्षत्र शांति | Tarush Astro