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पड़वा  मूल पंचमी भरणी आठे कृतिका नवमी रोहिणी दशमी अश्लेषा ज्वालामुखी ॥
 जन्मै तो जीवे नहीं, बसै तो ऊजड़ होय || कामनी पहरे चूड़ियां, निश्चय विधवा होय ॥

प्रतिपदा तिथि– के दिन मूल नक्षत्र

पंचमी तिथि– के दिन भरणी

 अष्टमी तिथि– के दिन कृतिका

नवमी तिथि– के दिन रोहणी

 दशमी तिथि– के दिन  अश्लेषा

ये नक्षत्र अग्नि मुखी हैं।

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