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भरणी नक्षत्र
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| पहचान | भरणी नक्षत्र छोटे-छोटे तीन तारो से मिलकर बना हैं । इनके तारों का आकर त्रिकोणाकार हैं । |
| नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह | ली लू ले लो सूर्य बुध शुक्र मंगल |
| दिशा | पश्चिम |
| देवता | यम देवता |
| स्वामी गृह | शुक्र |
| स्वामी गृह दशा | 20 वर्ष |
| शुभाशुभ | नाशक |
| तत्त्व | अग्नि |
| नक्षत्र गण | नर |
| नक्षत्र संज्ञा | उग्र क्रूर |
| वृक्ष | आवला |
| वर्ण | क्षत्रिय |
| योनी | गज |
| योनी वैर | सिंह |
| गुण | रजोगुण |
| नाड़ी | मध्य |
| राशि | मेष |
| नक्षत्र राशी स्वामी | मंगल |
| लिंग | पुरुष |
| जाति | चांडाल |
| वश्य | चतुष्पद |
| प्रभावित अंग | पैर का निचला भाग |