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आद्रा नक्षत्र
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| पहचान | आद्रा नक्षत्र में एक तारा होता हैं । यह प्राय भरणी के सीध में और मृगशिरा तथा पुनर्वसु के बीच में दिखता हैं । इसका आकर मणि के समान माना जाता हैं । |
| नक्षत्र के चरण एवं चरण स्वामी ग्रह | कृ ध ड छ गुरु शनि शनि गुरु |
| दिशा | पश्चिम |
| देवता | शिव |
| स्वामी गृह | राहु |
| स्वामी गृह दशा | 18 वर्ष |
| शुभाशुभ | शुभ |
| तत्त्व | वायु |
| नक्षत्र गण | नर |
| नक्षत्र संज्ञा | तीक्षण दारू |
| वृक्ष | आम |
| वर्ण | शुद्र |
| योनी | श्वान |
| योनी वैर | मृग |
| गुण | तमोगुण |
| नाड़ी | आदि |
| राशि | मिथुन |
| नक्षत्र राशी स्वामी | बुध |
| लिंग | स्त्री |
| जाति | क्रूर |
| वश्य | द्विपद नर |
| प्रभावित अंग | नेत्र |