20 अप्रैल 2022
नवग्रह वाटिका
ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उस ग्रह का जो पौधा कहा गया हैं उस पौधे का आरोपण करके उसका सिंचन व पूजन करना चाहिए । जैसे - शनि ग्रह प्रतिकूल हो तो घर में शमी(खेजड़…
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20 अप्रैल 2022
ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए उस ग्रह का जो पौधा कहा गया हैं उस पौधे का आरोपण करके उसका सिंचन व पूजन करना चाहिए । जैसे - शनि ग्रह प्रतिकूल हो तो घर में शमी(खेजड़…
पूरा पढ़ें20 अप्रैल 2022
सूर्ययन्त्रम् रसेन्दुनागा नगवाणरामा, युग्माङ्कवेदा नवकोष्ठमध्ये । विलिख्य धार्यं गदनाशनाय, वदन्ति गर्गादिमहामुनीन्द्राः ॥ 6 1 8 7 5 3 2 9 4 चन्द्रयन्त्रम् नागद…
पूरा पढ़ें19 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान का सम्बन्ध प्राचीन काल से रहा है । पूर्वकाल में एक सुयोग्य चिकित्सक के लिये ज्योतिष विषय का ज्ञाता होना अनिवार्य था । इससे…
पूरा पढ़ें19 अप्रैल 2022
ज्योतिष विज्ञान और चिकित्सा विज्ञान का सम्बन्ध प्राचीन काल से रहा है । पूर्वकाल में एक सुयोग्य चिकित्सक के लिये ज्योतिष विषय का ज्ञाता होना अनिवार्य था । इससे…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
मेष वृष मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन राशि/संज्ञा सिर मुख बाहू ह्रदय उदर कटी वस्ति प्रजनन ऊरू जानु जंघा चरण शरीर में स्थान चर स्थिर द्विस…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
ग्रह सूर्य चन्द्र मंगल बुध गुरु शुक्र शनि एकपाद 3,10 3,10 3,10 3,10 3,10 3,10 ........ अर्ध 5,9 5,9 5,9 5,9 ........ 5,9 5,9 त्रिपाद 4,8 4,8 ........... 4,8 4,…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
सामुद्रिक शास्त्र भारत की बहुत प्राचीन विद्या है। सामुद्रिक शास्त्र का अध्ययन क्षेत्र अत्यन्त व्यापक है, इसमें शरीर लक्षणों के साथ ही हस्त विज्ञान का भी अध्ययन…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
शस्त्रघात से जिनकी मृत्यु हुई हो, मरण काल में अस्पृश्य व्यक्ति से जिनका स्पर्श हो गया हो और जिनकी मरण कालिक शास्त्रोक्त विधि पूर्ण न की जा सकी हो, उन व्यक्तियो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
क्यों- गरुड पुराण के अनुसार स्थूल शरीर के नष्ट हो जाने पर यममार्ग में यात्रा के लिये आति वाहिक शरीर की प्राप्ति होती है । इस आतिवाहिक शरीर के दस अंगों का निर्म…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
भारतीय संस्कृति में नागों का बहुत महत्व है। नाग भगवान शिव के गले का हार है इन्हें शक्ति एवं सूर्य का अवतार माना गया है। अमृत-मन्थन के समय जब राहु का सिर काटकर…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
प्रायः समस्त भारतीय विज्ञान का लक्ष्य एक मात्र अपनी आत्मा का विकास कर उसे परमात्मा में मिला देना है । विज्ञान का ध्येय विश्व की गूढ़ पहेली को सुलझाना है । ज्यो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
तिथि और तारीख में अन्तर है । एक सूर्योदय काल से अगले सूर्योदय काल तक के समय को तिथि कहते हैं । तिथि का मान रेखांश के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कुछ मिनट या घण्…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
विषम राशियां मेष, मिथुन, सिंह तुला, धनु, एवं कुंभ (1,3,5,7,9,11) विषम राशियां हैं । सम राशियां वृष, कर्क, कन्या वृश्चिक, मकर, एवं मीन (2,4,6,8,10,12) सम राशिया…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
शुभ मुहूर्त में यात्रा करने से, बिना अधिक परिश्रम किये कार्य की सिद्धि होती है जबकि अशुभ मुहूर्त में यात्रा करने से हानि होती हैं । गुरु या शुक्र का अस्त होना…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
किसी व्यक्ति को प्रयत्न करने पर भी निवास के लिये भूमि अथवा मकान न मिल रहा हो, उसे भगवान् वराह की उपासना करनी चाहिये । भगवान् वराह की उपासना करने से, उनके मन्त्…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
दीर्घायुः तस्करो भोगी, बुद्धिमान् जायते नरः क्रमान्पादचतुराणां तु पुष्यस्य च प्रकीर्तनात् । प्रथम चरण में जातक लम्बी आयु वाला होता हैं । चरण का स्वामी सूर्य, न…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
जो मनुष्य गृहारम्भ या गृहप्रवेश के समय वास्तु पूजा करता है, वह आरोग्य, पुत्र, धन और धान्य प्राप्त करके सुखी होता हैं । चैत्र मास में गृहारम्भ करने से रोग और शो…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
ये तिथियाँ गृहारम्भ के लिये शुभ फल देने वाली हैं । द्वितीया तिथि शुभ फल देने वाली हैं । तृतीयाश तिथि शुभ फल देने वाली हैं । पंचमी तिथि शुभ फल देने वाली हैं । ष…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
जो मनुष्य गृहारम्भ या गृहप्रवेश के समय वास्तु पूजा करता है, वह आरोग्य, पुत्र, धन और धान्य प्राप्त करके सुखी होता है । मेष राशि के सूर्य में गृहारम्भ करने से शु…
पूरा पढ़ें18 अप्रैल 2022
घर के किसी अंश को आगे नहीं बढ़ाना चाहिये। यदि बढ़ाना हो तो सभी दिशाओं में समान रूप से बढ़ाना चाहिये। घर को पूर्व दिशा में बढ़ाने पर मित्रों से वैर होता है। दक्…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
मूल संज्ञक - ज्येष्ठा, आश्लेषा, रेवती, मूल, मघा, अश्विनी पंचक संज्ञक - धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वभाद्र, उत्तरमाद्र और रेवती ध्रुव संज्ञक - उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराष…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
ग्रह मित्र ग्रह सम ग्रह शत्रु ग्रह सूर्य चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति बुध शुक्र, शनि, राहु, केतु चंद्रमा सूर्य, बुध शनि, शुक्र, बृहस्पति, मंगल राहु, केतु मंगल सूर्य…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
सूर्य- उच्च रक्तचाप, तीव्रज्वर, पेट तथा नेत्र संबंधी रोग, पित्तज बीमारियां तथा हृदय रोग देता है। जब सूर्य पीड़ित होता है तथा जलीय राशियों में स्थित होता है तो…
पूरा पढ़ें5 अप्रैल 2022
1. जन्म लग्न से ग्रहों की स्थिति अनुसार फल कहना । 2. जन्म-कालीन चन्द्रमा जिसको चन्द्रलग्न भी कहते हैं, उस स्थान से ग्रहों की स्थिति अनुसार फल कहना । 3. गोचर कु…
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