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हस्त रेखा से हाथ के प्रकार

हाथ और अंगुलियों की बनावट और आकार से जातक के स्थिर फलादेश होते है जैसे व्यक्ति की सोच, मानसिक स्थिती, गुन-अवगुण क्रियाशीलता, आलस्य, शारीरीक शाक्ति या शारीरीक कमजोरी. शारीरीक या मानसिक स्थिती, वंशानुगत विशेषताएँ या कमीयाँ, व्यक्ति के सांसारिक आध्यात्यिक आचरण, जीवन में धनार्जन शारीरीक परिश्रम या मानसिक परिश्रम से प्राप्त करेगा हाथों के प्रकार…

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हस्त रेखा और रोग भाग – 2

पित्त सम्बन्धी आन्तरिक रोग - हथेली और रेखाओं का रंग पीला हो तो जातक पित्त प्रकृति का होता है। पीलिया रोग - जीवन रेखा पर नकारात्मक चिन्ह जैसे द्वीप, नक्षत्र, क्रास हो और साथ में दाग भी हो तो उसे पीलिया रोग होता है। गठिया रोग (वात रोग) - जिवन रेखा से एक शाखा निकलकर…

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हस्त रेखा और रोग भाग -1

हृदय रोग - हृदय रेखा पर काला , पीला दाग का चिन्ह हो द्वीप का चिन्ह हो मंगल पर्वत पर हृदय रेखा से पंख दार आकृति हो धडकन संबन्धी रोग - जीवन रेखा के अन्दर मंगल पर्वत एवं शुक्र पर्वत पर नकारात्म चिन्ह हो, जैसे- द्वीप , क्रॉस आदि और मस्तिष्क रेखा…

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