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पहचानपुष्य नक्षत्र 3 तरी से मिलकर बना हैं । इसका आकार बाण के सामान हैं । इसके छोटे तीन तारों सेव त्रिकोण बनता हैं, जो देखने में एक तारे के समान दिखता हैं ।
नक्षत्र के चरण

एवं

चरण स्वामी ग्रह
हु        हे         हो           डा



सूर्य     बुध    शुक्र       मंगल
दिशापूर्व
देवताब्रहस्पति  
स्वामी गृहशनि
स्वामी गृह दशा19 वर्ष
शुभाशुभशुभ
तत्त्वजल
नक्षत्र गणदेव
नक्षत्र संज्ञाक्षिप्र लघु
वृक्षपीपल
वर्णविप्र
योनीमेष
योनी वैरवानर
गुणतमोगुण
नाड़ीमध्य
राशिकर्क
नक्षत्र राशी स्वामीचन्द्र
लिंगस्त्री
जातिक्षत्रिय
वश्यजलचर
प्रभावित अंगचेहरा
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